How to get free from negative overthinking ?

        आपका दिन मंगलमय हो 🙏🙏🙏


           एक गन्दी मछली पुरे तालाब को गन्दा कर देती है ,ठिक बैसे ही एक नेगेटिव बिचार आपके पूरे दिन को ख़राब करने की ताक़त रखती है ।काश मैंने ये काम ना किया होता ,काश मैंने वह गलती न की होती काश मुझे उस समय कोई समझा देता तो आज मै पछता ना रहा होता ।
How to get free from negative overthinking


     दिमाग की फितरत ही कुछ ऐसी होती है कि वह हमेशा भूतकाल मे भटकता रहता है ओर उससे भी बुरी बात ये कि दिमाग हमेशा पूरानी ओर बुरी बातो को ही याद करता है  ।

ऐसा नहीं है की आपके साथ हमेशा बुरा ही हुआ है ,बहुत सारी अच्छी बाते भी हुई होंगी, लेकिन याद हमेशा बुरी बाते ही आती है ।आपको अफसोस करवाती है ,आपको बुरा महसूस करवाती है  ।आप समझ जाइये कि आपका मन आपके साथ खेल रहा है ।यह मन की फितरत होती है ओर अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो समझ जाइए overthinking के शिकार बन चुके हो  ।

खाली दिमाग शैतान का घर होता है और वह शैतान है, हमारे negative बिचार ।
How to get free from negative overthinking

जिनका घर बन चूका है, हमारा ये दिमाग 
जिन लोगो को भूतकाल की चिंता नहीं होती, उन्हें भबिष्य की चिंता सताती रहती है । आगे हमेशा बुरा ही होगा, ऐसी बाते मन मे आते रहते है । और यह चीज आपके लिए बहुत खतरनाक है,क्योकि इसकी वजह से आप अपना वर्तमान बिगाड़ देते हो, और आपका वर्तमान ही आपका भबिष्य बनाता है  ।

 ब्यर्थ में अधिक विचार करना वह दीमक है , जो आपकी जिंदगी की निब को कब खोखला बनादेगा आपको पता भी नहीं चलेगा । मेरे कहने का मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि ,आप सोचना बंद कर दो । जिंदगी में हर काम सोच समझ कर करना चाहिए । पिछली गलतियों से सीखना भी चाहिए और आने बाले भबिष्य की planning भी करके रखनी चाहिए  ।

लेकिन कभी इतना ज्यादा भी नहीं सोचना चाहिए की आप किसी काम को शुरू ही ना कर पाओ । इतनी ज्यादा भी चिंता नहीं करनी चाहिए कि आप  चिंता करते करते ही ख़तम हो जाओ । पिछली गलतिओं से सीखने की बजाए उन गलतिओ को याद कर करके रोते रह जाओ ।
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यह वह गलती है जो आजकल हर कोई कर रहा है  ।

हम सब कुछ जानते है फिर भी हम बस negative  बिचारों में ही दुबे रहते है । नेगेटिव चीजों के बारे में ही सोचते रहते है । न जाने हम   ये बात क्यों भूल जाते हे की हमारे साथ पहले जो भी हुआ ,वह  अच्छे के लिए ही हुआ था ।और अभी भले ही जो कुछ हमें बुरा लग रहा है ,आगे चलकर पता चल जाएगा की वह भी अच्छे के लिए  हुआ है ।

    जिंदगी को अगर समझना है तो पीछे मुड़कर देखो और जिंदगी को अगर जीना है तो बर्तमान में चलकर देखो । हर नई शुरुआत इंसान को डराती जरूर है ,पर याद रखना मुसीबतों के बाद ही सफलता हाथ लगती है ।

            जो लोग बडे सपने देखते है ,जिनके लक्ष्य बड़े होते है ,वह परिस्थितयों  कि फिक्र नहीं करते और ना ही डरकर बैठ जाते है और अगर आप भी अपना जीवन बदलना चाहते हें तो सोचने पर कम ,अपने कामो पे ज्यादा ध्यान लगाइए ।
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अगर आपको दुसरो से आगे निकलना है तो आपको दुसरो से अलग बनना होगा ,आपको वह गलति नहीं करनी जो हर कोई कर रहा है । बिचारों (चिंता) की jail में तो आजकल हरकोई बंद रहता है ,लेकिन आपको उस jail को तोड़कर खुदको बाहर निकलना होगा ।

जो हो चूका है ,उसे आप बदल नहीं सकते और जो होनेवाला है ,वो आपके हाथ में नहीं है । लेकिन अभी आप जो कर्म कर रहे है ,वो आपके हाथ में है ।
इसीलिए अपने कीमती समय को सोचने में और पछताने में ना गबाएँ ,नही तो आप सोचते रह जाएंगे, कोई और मौके का फ़ायदा उठाकर ले जाएगा । फिर आप बापस से अफ़सोस करोगे कि काश उस समय मेने वह काम  कर लिया होता ।

किसीने क्या खूब कहा है ताश के पत्तो से ताजमहल नहीं बनता ,नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता ,लड़ना पड़ता है जिंदगी से हर दिन 
बैठे बैठे सोचकर कोई महान नहीं बनता । जो करना है बो कर डालो ,जरूरत से ज्यादा मत सोचो ,क्योंकि करनेवाले कर जाते है और सोचने वाले सोचते हि रह जाते है ।

याद रखे फालतू के बिचार हमारे दिमाग की वह उपज होति है ,जो हमारे दिमाग में तब आते है जब हम अकेले होते है । जब हमें समझने वाला कोई नही होता कि हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए । इसीलिए अब वक़्त आ गया है ,आपको खुदको समझना होगा ,खुद को बार बार याद दिलाना होगा कि जब भी दिमाग नेगेटिव या फालतू बिचार आए तो खुदसे ये कहना होगा - आखिर क्यों डरे जिन्दगी में क्या होगा ,क्यों सोचते हो कि हर वक्त बुरा ही होगा । तुम तो बढ़ते रहो अपने मंजिल की तरफ ,कुछ न भी मिले तो क्या तजुर्बा तो नया होगा । निडर बनो
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,बेखौब बनो ,हिम्मत से चलो सफलता तुम्हे ही मिलेगी ।

   दोस्तों ,ज्यादा सोचना कोई बीमारी नहीं है ,ये कोई बहुत ख़राब बात  भी नहीं है ,याद रखिये जब तक आप सोचेंगे नहीं ,आपके दिमाग में नए idea कैसे आएंगे ?हमें अपने दिमाग से जो चिज हटानी है ,वो है नेगेटिव या बुरे बिचार । हमें negative overthinking को ख़त्म करना है ।
केबल positive सोचना है । जिस दिन आप हर चीज में पॉजिटिव देखने लग जाओगे ,आपके जीने का नजरिया ही बदल जायेगा ।
 
अगर आप ऊपर कही गयी बातों से सहमत है तो इसे ज्यादा se ज्यादा share कीजिएगा ।
 ....... धन्यवाद .......





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