How to Boost Your Brain Power | Ways to Boost Your Brain Power
How to Boost Your Brain Power
दिमाग को तेज कैसे करे ?
हम जो ब्रेन को स्ट्रांग करने की जो बात करते है ,उसके अलग अलग stand point होते है ।एक है जो हमारा physical brain है ,उसको कैसे स्ट्रांग किआ जाए ,तो उससे हमारा diet का बहुत बड़ा role होता है । जैसे कुछ तरह के फूड्स है ,कुछ तरह की चीजे है जो हम कहते है तो वह हमारे brain के लिए अच्छा होता है । तो हमको अपने diet में थोड़ा चेंज कर सकते है । तो हम वह चेंज जब करेंगे तो हमारी जो physical brain है वह strong होती चली जाएगी ।अब उस brain को हम ज्यादा अच्छे से use कर सकते है । अगर physically हमारा brain weak हुआ ,तो आपके thoughts में भी इतनी power नहीं होगी ।
Ways to Boost Your Brain Power
तो पहला स्टेप है की diet को ठीक करे ,आपको जो nutrition चाहिए आपकी body को । brain ऐसा नहीं है कि isolation है ,यानि की ब्रेन अलग है और बॉडी अलग है । ब्रेन तभी ठीक रह सकता है जब आपका पेट ठीक रहेगा । Gut का यानि की हमारा पेट का और brain का direct connection है । आयुर्वेद में यह खास बात है ,इसमें कहा जाता है कि हर बीमारी का जड़ पेट है न की brain है ।
क्योंकि brain को जों चाहिए ,जो nutrition या जो कुछ भी चाहिए ,जो chemical चाहिए operate करने के लिए ,वो सब produce कहाँ होते है ,ultimately हमारे पेट में । हमारा stomach ही है जो फूड को nutrition energy में convert करता है । अगर पेट ठीक है ,तो सब ठीक है । brain भी ठीक से काम करेगी । अगर पेट गड़बड़ है ,इसका मतलब brain में गड़बड़ है ।brain की गड़बड़ को हम directly पकड़ नहीं सकते ।
इसे ठीक कैसे करे ?
या तो diet के लेवल पे ठीक कर सकते है या इसके अलाबा naturopathy एक बहुत अच्छा ऑप्शन है ।भारत में naturopathy का बहुत सारे सेंटर है ।जो बहुत ही कॉस्ट इफेक्टिव तरीको से कुछ थेरेपी देते है तिनसे चार दिन के लिए ,पांच दिन के लिए ,सात दिन के लिए ,उसमे आप better फील करने लग जाओगे । stomach की क्लीनिंग प्रॉपर होनी चाहिए ताकि हमारी ब्रेन प्रॉपर तरीको से काम करे ।
Improve Critical Thinking at Work
हमरी सोचने की शक्ति स्ट्रांग होती है repetition से ।हम चाहते है की जो भी हम कर रहे है ,उसमे हमारा मन या भावना इतना strong हो जाए कि अगर हमने सोच लिया कि ये हमें करना है तो हमको किसी भी चीज से कोई फ़र्क़ ना पड़े ,आस पास में जो कोई भी कुछ कह रहा है ,उससे हमें कोई फ़र्क़ न पड़े ।
जिस भी तरह के बातों को हम अपने मन में repeat करते चले जाएंगे ,वो पक्की होती चली जाएगी ।इसीलिए भारत में एक कहाबत है ,जो आपके भी घर पर चलती होगी जो बोलते है की शुभ शुभ बोलो ,सुनी होगी आपने सभी ,मुँह से उलटी सीधी बाते मत निकालो ।क्यों बोलते हैं - इसीलिए बोलते है जो बात हम आपको बता रहें है । क्योंकि अगर आप कुछ उल्टा बोलोगे ,चाहे अपने मुँह से बोलोगे ,चाहे अपने अंदर ही अंदर अपने आपसे बोलेंगे तो वो धीरे-धीरे पक्का होता जाएगा ।एक आत बार बोलने से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है ।एक आत बार आप कुछ भी उल्टा बोलदो कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता ,एक आत बार कुछ भी अच्छा बोलदो कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है ।क्योंकि अगर एक दो बार बोलने से हो जाता तो , तब तो हम सीधा ये बोले कि मैं दुनिआ का सबसे अमीर आदमी हो जाऊंगा । जरुरत ही क्या है पढ़ने की , कोई entrance preparation करने की ,और कुछ भी करने की । सीधा बोल्दो बस हो जाएगा ,लेकिन ऐसा होता नहीं है ।
लेकिन अगर आप इसी बात को बार-बार बोलते रहोगे ,बोलते रहोगे तो धीरे धीरे आपका action चेंज होने लग जाएगा ।धीरे-धीरे आपका ये जो thoughts है वह पक्का होता चला जाएगा ।
और आप उस दिशा में जाने लग जाओगे । आपको success मिलेगी या नहीं मिलेगी, वो अलग चीज पर निर्भर करता है ।लेकिन atleast आप action लेना शुरू कर दोगे ।
इसको पक्का कैसे करते है -repetition से । जो भी हम चाहते है ,हम जिस भी तरह से अपने life को देखते है ,आने वाले 5 साल बाद ,10 साल बाद उसको आप repeat कर सकते हो अपने मन के अंदर ।अब वो चीजें धीरे-धीरे पक्की होती चली जाएगी ।अब यहाँ पे हमको एक चीज ध्यान रखनी है जो ज्यादातर लोग गलती कर देते है , वह है जो भी आप चाहते हो , उसके outcome के बारे में नहीं सोचना है , ये नहीं सोचना है कि ये होगा,वह होगा ,क्योंकि ये आपके हाथ में नहीं है । बैठकर ये नहीं सोचना है कि मेरा ये entrance crack हो जाएगा , क्योंकि अगर आप imagine करते गए करते गए ,तो उसमे समस्या क्या है कि इतना percentage(%) नहीं हुआ तो आप अन्दर से टूट जाओगे ।
अब अगर सोचना है तो क्या सोचना है - बैठकर के अपने किस thought को पक्का करना है कि मेरी तैयारी पूरी है ,तो वह होगा या नहीं होगा ये मेरे हाथ में नहीं है । तो अपने आपको क्या बोलना है बार-बार की मेरी तैयारी कमाल की है ,मेरी preparation अच्छी हो रही है । इसकी तैयारी के लिये जितना भी किताबे पढ़नी है वह सब मैने पढ़ली है ।जो भी syllabus complete करना है ,वह मैने कर लिया है । मेरी तरफ से कोई कसर नहीं ।अब होना, ना होना वो तेरे (भगबान) हाथ मे है ।
अब क्या होगा ,एक परसेंट भी नहीं हुआ तो आप टूटोगे नहीं ,क्योंकि आपको अपने mind पर focus करना आ गया ,किस तरीके से mind को फोकस किआ जाता है काम पे ।
जो भगबत गीता में भी कहा गया है कि काम कर ,फल की इच्छा मत कर ।वो इसी दृश्टिकोण से कहा गया है । उसका मतलब बहुत सारे लोग समझ नहीं पाते , उसला मतलब गलत निकाल देते है ।
उसका मतलब यह निकाल देते है कि आप बस हार्ड वर्क करते चले जाओ ।कर्म का मतलब क्या समझ लेते है - work । Work का मतलब यह समझ लेते है कि वो जो कर रहे है हम अपने हाथ पैरो से ।
कर्म बसीकली जो है ,वह thoughts की लेबल पे करने की बात करी जा रही है । कर्म पहले अंदर होता है फिर बाद में वो बाहर होता है ।तो अंदर आप जो कर्म कर रहे है वो सही करे ।उसपे focus करो ,तो धीरे-धीरे जो फल है उसे आना ही आना है ।
For a good and sound health,
''''''''धन्यवाद '''''''




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