How to Stop Comparing Yourself to Others | How to Stop Comparing Yourself to Others in hindi
अपनी तुलना किसी से न करे
आज मैं आपको एक कहानी बताने जा रहा हूँ । बड़ी सान्दार सी कहानी है । तो दोस्तों कहानी यह है कि
एक कौआ था और उस कौए को तख़लीफ़ क्या थी जानते है ? कौए का रंग काला है । तो कौआ काला था । एक साधु थे और वह निकले जंगल की ओर और जाकरके एक पेड़ के निचे बैठ गए । तो उनके गाल पर एक मोती टपका ,पानी का ,तो साधु ने चेहरा उठाके ऊपर देखा तो कौआ रो रहा था । साधु ने बोला रोता क्यों है ? कौआ ने बोला - रोऊँ नहीं तो और क्या करूँ ? ये जीवन दिआ है काले रंग का । जीवन में कोई रंग नहीं । साधु ने बोला - खुश नहीं है तू ? कौआ बोला -बिलकुल नहीं । बोले -तेरा क्या तख़लीफ़ है ? कौआ -तख़लीफ़ ही तख़लीफ़ है है बाबाजी ।
जिसके घर पे बैठु ,काओ-काओ करू ,लोग उड़ा देते हैं मुझे ।कोई पालता है हमको ? आज तक आपमे से कभी किसीने देखा है कि कौए को किसीने पाल कर खाना खिलाया है ? दो रोटी खिलाई है ? श्राद्ध पे काम आता हूँ बोलके झूँठा खिलाते है मुझको । और आप कहते हो क्या बनाया ? यह क्या बनाया भगवान ने ?सच बोला उसने । साधु बोले - क्या बनना चाहोगे ,अगर तुम्हें दुबारा मौका मिले तो ,बनादूंगा आज चल ।
तो कौए ने बोला -जिन्दगी में अगर मौका मिला दुबारा कुछ बनने का तो हंस बनना पसंद करूंगा । क्या जबरदस्त सफेद रंग ,शांति का प्रतिक ,अहा । साधु ने बोला - आज बनाता हूँ तुझे हंस ,लेकिन एक सर्त है -जाकरके एक बार हंस से मिल आ ,उससे मिल तो आ ।
वह भागा भागा गया हंस के पाश ,बोला -हंस भाई ,क्या मस्त रहता है न तू ,क्या रंग तुझे भगवान ने दिया है ,आहा हाय हाय । पानी में पेडल मारता है किसीको पता ही नहीं चलता कि चल रहा है । क्या सफेद सफेद रंग ! अपन का तो काला ,कितना खुश रहता होगा ना तु ?
हंस ने बोला -कौन बोला रे ऐसे तुझको ? कौआ ने बोला - तुम खुश नहीं हो ? बिलकुल नहीं । तुझको क्या तख़लीफ़ है ?
तो उसने बोला - ये क्या रंग है ? सफेद रंग ,मौत के बाद का रंग है यह । लोग तस्बीर खींचते है पानी में मेरी , साला पता ही नहीं चलता ,पानी का खिंच रहे है या मेरी खिंच रहे है ? सफेद में सफेद मिल जाता हूँ । फोटो में आता नहीं हूँ किसीके । यह कोई रंग है ?कौआ -खुश नहीं हो ?हंस बोला - बिलकुल नहीं ।
तो दोनों आए बाबाजी के पास ,बोले - बाबा ,मामला गड़बड़ है । तो साधु ने हंस से पूछा - तेरे हिसाब से अगर दुबारा मौका मिले तो क्या बनना पसंद करेगा ? हंस ने बोला - बाबा बस एक मौका देदो कुछ बनने का ,तो parrot बनादो बस ,बाबा ।
क्या चोंच ,क्या रंग ,लोग पालते है उसको । मिट्ठू मिट्ठू बुलाते है उसको ,बोलता है वो । बस एक बार बनादो प्रभु । साधु ने बोला -बनादुँगा ,बस एक सर्त है ,जाओ जाकरके एक बार मिल आओ मिट्ठू से ।
अभी दोनों भागे- भागे गये parrot को ढूंढ़ने । एक जंगल में एक पेड़ par बहुत सारे तोते रहते थे । अब वे तोते ढूंढते रहे ,तोते कहाँ है ,तोते कहाँ है ? उस पेड़ के 3-4 चक्कर लगाए और अंततः तोता मिला ।तोता भाई ,तोता भाई, क्या मस्त जिंदगी जीता है तू ,अरे मिट्ठू मिया ,क्या चोंच लाल- लाल सुर्फ तेरे ,अहा ,क्या जिस्म ,क्या पर तेरे ! लोग तुझे पालते है । अरे तुझे क्या क्या नहीं कराते । तेरेको बादाम तक लोग खिलाते है ,काजू भी खिलाते है । अरे क्या खुश रहता होगा ना ,क्या मस्त तेरा जिंदगी ?
तोता बोला कौन बोला रे तेरेको ? बोले - तू भी खुस नहीं है मिट्टू मियाँ ।बिलकुल नहीं ,तुझे क्या तख़लीफ़ हे ? मिट्टू बोला तकलीफ यह हे बाबू ,की तुम चार चक्कर लगाकर आ गए ।हरे में हरा रंग मिल जाता है ।मैं तुमको दीखाई नहीं दे रहा था ।पेड़ में मिल जाता हूँ ।
तो तीनों आए साधु के पास और मिट्ठू ने बोला - महाराज ,बस एक मौका देदो और मोर बनादो बस । जो National Bird है India का । क्या मस्त है यार ,ओए ,होए होए ! साधु ने बोला - तीनो को अभी बनाता हूँ मोर ,लेकिन सर्त वही है , एक बार जाकरके मोर से मिल आओ ।
अब तीनों भागे भागे गए ,मोर ढूंढ़ने । मोर मिल गया । तो वे मोर से बोले - मोर भाई ,क्या जिंदगी दिया है उपरवाले ने तुझे ।तेरे पर जब खुलते हैं ना ,लोग इंतेज़ार करते है तेरे तस्बीर खींचने के लिए ।
National Bird है तू । तेरे नाचने की इंतज़ार में जब घटा बरसता है ,और जब तू नाचता है ,लोग दीवाने है तेरे । तस्बीर लेते है घंटो बिताकर । अगर भगवन करे की हम तेरे जैसा बन जाए । बड़ा खुश रहता होगा तू ?
तो मोर बोला - कौन बोला रे तेरेको ? मेरा तकलीफ ही मत पुछ ।बहुत तकलीफ है मुझको ।शिकारी आते हैं और मार डालते है हमे ।एक एक पर नोच लेते है हमारे जिस्म से और यह पुरे सहर में ,पुर देश भर में बेचा जाएगा । लोग अपने घर में लगाते है । कोई जीवन है । क्यों बनना है मोर ? एक घंटे का पता नहीं कैसे खुश रहूं ?
कौए ने बोला - फिर तेरे हिसाब से क्या बनना चाहिए ?कौन सबसे ज्यादा खुश है ? तो मोर ने कौए को बोला - तू ।तो कौआ बोला - मैं कैसे ?
तो मोर का जबाब जानिये ---
तेरा शिकार कोई नहीं करता । हम सबको मारा जाता है या फिर कैद कर लिया जाता है ।लेकिन तुझे कोई जान का खतरा नहीं है । को तुझे मरेगा नहीं । तुझे किसिसे कोई तकलीफ नहीं ,किसीको तुझसे कोई तकलीफ नहीं ।हमें तो अगले घंटो का पता नहीं, तो तेरे से बढ़िया कौन ?
तो आप जो है ,जिस अबस्था में है ,जिस रंग के साथ है ,मस्त हैं । किसीसे अपनी तुलना मत करो । तुम्हारे जैसा इंसान भगवान ने दूसरा बनाया ही नहीं । अगर मिल जाये तो सिकायत करना कहीं और । तुम्हारे जैसा इंसान है कोई ? नहीं है ? You are unique,one and only, Don't compare yourself with others. कभी जिंदगी मे अपनी तुलना मत करना किसी के साथ । comparison में बहुत तकलीफ होता है ।





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