Motivational story| Hindi moral story
बस आप दोस्तों आज में जो कहानी आपको बताने बाला हूँ ,ये कहानी आपके जीवन को बदलने की ताक़त रखती है। इस कहानी को ध्यान से पढ़िए।
तो कहानी है एक हिरन की। एक बार एक हिरन जंगल में पानी की तलाश में घूम रही थी, भटक रही थी इधर से उधर। बहुत प्यास लगी थी उस हिरन को ,बहुत देर से भटक रही थी पानी की तलाश में। लेकिन उसे पानी कहीं पर भी नहीं मिल रहा था। थोड़ी देर और भड़कने के बाद उस हिरन एक पेड़ के निचे बैठ जाती है ,एक झाड़ी के निचे बैठ जाती ह। तो उतने में उस हिरन को बहते हुए पानी की आवाज़ सुनाई देता है।
तो हिरन फटाफट उस झाड़ के निचे से उठ कर पानी की आवाज़ जिस तरफ से आ रही थी उस तरफ बढ़ने लगी। तो वह देखती है की उसके सामने एक बड़ी सी नदी। जैसे ही वह हिरन उस नदी को देखती है तो वह बहुत खुश होती है,मनो उसे दुबारा नई जिंदगी मिल गयी है। वह दौड़ कर फ़ौरन उस नदी के पाश जाती है और जैसे ही वह पानी पिने के लिए अपना सर निचे करती है ,तो उसकी नजर बाएं ओर पड़ती है।
वह जैसे ही अपने बाईं तरफ देखती है तो उसे एक शिकारी नजर आता है ,हाथ म धनुष तीर लिए हुए, निशाना तन कर खड़ा हुआ। फिर जैसे ही उस हिरन की नजर अपने डाएने तरफ पड़ती है तो उसे एक शेर नजर आता है ,झाड़ियों के पीछे।
अब हिरन पानी बानी सब भूल जाती है ,कुछ भी नहीं रहता उसके दिमाग में प्यास बगेरा। फिर वह हिरन पलट कर पीछे देखती है तो उसे भयंकर आंग लगी हुई दिखती है,जो की धीरे धीरे उसके तरफ बढ़ रही थी। अब हिरन जाए भी जाए कहाँ ?
बाएं तरफ देख रही थी तो शिकारी नजर आ रहा था ,जो की निशाना तन कर खड़ा हुआ था और अपने दाएं तरफ देख रही थी तो शेर नजर आ रहा था। सामने तो गहरी लम्बी-चौड़ी नदी थी और पीछे तो आंग लगी हुई थी। चारो रस्ते बंद हो चुके थे ,चारो तरफ से मुशीबत आ चुकी थी।
अब हिरन सोच में पड़ जाती है ,और वह यह सोचती है कि चारो तरफ से मेरी मुशीबत आ चुकी है ,तो मै अपना काम करके क्यों न मरुँ ?मुझे बैसे भी तो मरना है तो में पानी पीकर क्यों न मरू ? तो वह हिरन नदी की पानी पिने लग जाती है। लेकिन थोड़ी ही देर के बाद जैसे ही वह हिरन पानी पि रही थी ,तो उतनी ही देर में उपर से काले बादल छा जाते है और उन बादलों से बारिश होने लगती है। तो जो आंग लगी थी पीछे की तरफ तो वह बुझ जाती है और बारिश के कारण शिकारी का निशाना चूक कर शेर को लग जाता है और उस शेर का नजर पडता है सीधे शिकारी पर ,तो शेर शिकारी के पीछे लग जाता है।
तो जैसे ही हिरन को पता चलता है, जैसे ही वह पानी पीना खतम कर शर ऊपर उठाती है ,तो वह अपने बाएं तरफ देखती है ,उसे शिकारी कहीं पर भी नजर नहीं आता। वह अपने दाएं ओर देखती है तो उसे शेर भी कहीं पर नजर नहीं आता। वह अपने पीछे मुड़कर देखती है तो जो आग थी ,वो बुझी हुई दिखती है।
कहानी का सार -
दोस्तों हमें इस कहानी से यह सिख मिलती है कि इंसान की जिंदगी में प्रॉब्लम एक आत बार आता नहीं है ,और जब अति है तो चारो तरफ से आती है। जिसकी वजह से हर इंसान डर जाता है,घबरा जाता है अपनी उन प्रोब्लेम्स से। तो आपको क्या करना इस परिस्थिति में ?
आपको ना ही डरना है और ना ही घबराना है ,बस शांति से दो मिनट सोचना है।
हिरन के पाश भी बहुत सारे ऑप्शन थे। हिरन भी इन सब परिस्थितियों को देखके या तो पानी में छलांग लगा सकती थी या फिर इधर उधर भाग सकती थी। लेकिन उसने शांति से सोचा और वह अपने काम पर लगी रही। वह पानी पिने आयी थी और वो पानी पिने लगी।
इंसान भी अपने कामयाबी के थोड़ी ही दुरी पे रहता है,लेकिन उसे मुशीबतें दिखना शुरू हो जाती है। घर की प्रॉब्लम ,पैसो की प्रॉब्लम ,जिसके कारण वह कुछ नहीं कर पाता, घबरा जाता है ,डर जाता है। लेकिन आपको ना ही डरना है और ना ही घबराना है। बस आपको अपने काम पर लगे रहना है ,डटे रहना है।
मेरे दोस्तों आशा करता हूँ कि आपको यह कहानी अच्छी लगी होगी।
तो यह मत सोचना कि दुनिआ क्या कहेगी ,
कर गए एक दिन ,तो यह दुनिआ तुम्हे देखेगी।
............. धन्यवाद ............

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